Breaking
5 Apr 2025, Sat

यमुना छठ 2025 – तिथि, समय, अनुष्ठान और धार्मिक महत्व की पूरी जानकारी

यमुना छठ 2025 - तिथि, समय और विशेष अनुष्ठान – महत्व जानें

यमुना छठ 2025, एक महत्वपूर्ण त्योहार है जो यमुना नदी की पूजा के लिए मनाया जाता है। इस वर्ष, यमुना छठ 3 अप्रैल 2025 को मनाया जाएगा, जबकि शश्ठी तिथि 2 अप्रैल 2025 को रात 11:49 बजे से शुरू होगी। इस दिन भक्तगण यमुना नदी में स्नान कर, सूर्य देवता और यमुना माता की आराधना करते हैं।

इस पर्व का महत्व न केवल धार्मिक है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देता है। भक्तगण इस दिन विशेष रूप से चढ़ावे के रूप में चूड़ियाँ, फल और मिठाइयाँ अर्पित करते हैं। यमुना छठ का पर्व हमें अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ता है, और यह हमें अपने जल स्रोतों की रक्षा करने की प्रेरणा भी देता है।

इस अवसर पर, परिवार और मित्र एकत्रित होते हैं, और सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना करते हैं। यमुना छठ 2025 का पर्व न केवल आध्यात्मिकता का प्रतीक है, बल्कि यह सामाजिक एकता और प्रेम का भी संदेश देता है।

इस प्रकार, यमुना छठ 2025 एक विशेष अवसर है, जो हमें अपने धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों की याद दिलाता है।

यमुना छठ, जिसे यमुना जयंती भी कहा जाता है, एक महत्वपूर्ण पर्व है जो उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में मनाया जाता है। यह पर्व यमुना नदी के धरती पर आगमन का प्रतीक है, जिसे हिंदू धर्म में एक दिव्य आशीर्वाद माना जाता है। इस वर्ष, यमुना छठ 3 अप्रैल 2025 को मनाया जाएगा, जबकि शश्ठी तिथि 2 अप्रैल 2025 को रात 11:49 बजे से शुरू होगी।

यमुना छठ 2025 का महत्व

  • यमुना छठ का पर्व हमारे प्रकृति के प्रति श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है।
  • यह पर्व हमें यमुना नदी की पवित्रता और उसके प्रति हमारी जिम्मेदारी का एहसास कराता है।
  • भक्तगण इस दिन यमुना में स्नान कर, सूर्य देवता और यमुना माता की पूजा करते हैं, जिससे उन्हें आशीर्वाद और सुरक्षा की प्राप्ति होती है।

अनुष्ठान और परंपराएँ

  • यमुना छठ पर भक्तगण विशेष अनुष्ठान करते हैं, जिसमें यमुना माता को चढ़ावे के रूप में फल, मिठाइयाँ और चूड़ियाँ अर्पित की जाती हैं।
  • इस दिन, भक्तगण सामूहिक रूप से पूजा करते हैं और एक-दूसरे के साथ मिलकर इस पर्व का आनंद लेते हैं।
  • विशेष रूप से, चूनरी मनोरणाथ का अनुष्ठान किया जाता है, जिसमें भक्तगण यमुना को साड़ी अर्पित करते हैं, जो एक दिव्य परंपरा है।

सामाजिक और सांस्कृतिक पहलू

  • यमुना छठ न केवल धार्मिकता का प्रतीक है, बल्कि यह सामाजिक एकता और प्रेम का भी संदेश देता है।
  • परिवार और मित्र एकत्रित होकर इस पर्व को मनाते हैं, जिससे आपसी संबंध और मजबूत होते हैं।
  • यह पर्व हमें अपने जल स्रोतों की रक्षा करने की प्रेरणा भी देता है, जिससे हम प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझ सकें।

यमुना छठ 2025 एक विशेष अवसर है, जो हमें अपने धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों की याद दिलाता है। यह पर्व हमें यमुना नदी की पवित्रता का सम्मान करने और प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी को समझने का अवसर प्रदान करता है। इस दिन, हम सभी मिलकर यमुना माता की आराधना करें और उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करें।

हमारे और पोस्ट पढ़ने के लिए कृपया यहां क्लिक करें

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

By Amit

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *